दोस्तो, कैसे हैं आप लोग!
आशा करता हूँ कि सब बहुत मज़े में होंगे.
मैं बिहार का रहने वाला हूँ.
मेरी हाइट 6 फीट की है और लमण्ड 7 इंच का है. मेरी उम्र 20 साल की.
मैं ज्यादा हैंडसम तो नहीं, पर थोड़ा बहुत हूँ.
जो पाठकगण बिहार के होंगे, वे जानते होंगे कि बिहार के गांव का लौंडा दसवीं के बाद किसी बड़े शहर में जाकर इंटर की पढ़ाई करता है और चुवदावई भी.
मेरी Xxx वर्जिन गर्ल हॉट चुवदावई कहानी भी कुछ ऐसी ही है.
मैं भी पढ़ने गया था और आप समझ रहे हैं न … वही मेरे साथ भी हुआ था.
मेरे कमरे के पड़ोस में एक फैमिली रहती थी. उस फैमिली में एक अंकल जी थे.
उनकी उम्र लगभग 42 साल की रही होगी और आंटी जी भी लगभग 40 की रही होंगी.
उनके साथ उनकी दो बेटियां भी रहती थीं. बड़ी 20 की होगी और छोटी 18 की.
बड़ी का नाम चंचल था और छोटी का नाम गुनगुन था.
मैंने उनके बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि चंचल का एक ब्वॉयफ्रेंड था जो उसको बहुत चोदता था.
उसका ये ब्वॉयफ्रेंड उसके रिश्ते में कुछ लगता था.
इसलिए उनकी चुवदावई की लीला अंकल के घर में ही चलती थी.
पर छोटी वाली गुनगुन अभी तक अनछुई कली थी.
उसकी फिगर 32-28-34 की थी.
वह देखने में एकदम करारी माल लगती थी.
मैं बहुत लकी हूँ क्योंकि मैंने ही उसकी बुर की सील को तोड़ा था.
हुआ यूं कि मैं जब भी अपनी कोचिंग क्लास से कमरे पर वापस आता था तो उसको हमेशा उसके घर की छत पर बैठा देखता रहता था.
गुनगुन की जवानी अभी अभी चढ़ी थी.
उसने रात को अपनी बहन की चुवदावई भी कई बार देख ली थी इसलिए वह भी चुदवाना चाहती थी.
मैंने ध्यान दिया कि मैं जब भी पढ़ कर वापस कमरे पर आता, तो गुनगुन अपनी छत से मुझे तिरछी नज़रों से देखती रहती थी.
बहुत दिनों तक ऐसा चलता रहा.
मैं भी गुनगुन की नजरों को पढ़ चुका था कि इसको मेरे लौड़े की जरूरत है.
फिर एक दिन मैं बारिश की वजह से पढ़ने नहीं जा पाया और मैं अपने मकान की छत पर बारिश में नहाने लगा.
मुझे देख कर वह भी अपनी छत पर नहाने आ गई.
उस दिन वह मुझे सीधा देख रही थी और जैसे मैं कर रहा था, वह मेरी नकल करने लगी थी.
मैं तो कब से उसको चोदने का अवसर खोज रहा था.
उसे छत पर भीगे कपड़ों में देख कर लगने लगा था कि आज ही वह सुनहरा अवसर आ गया है.
यही सोचकर मेरे मन में कुछ करने का हुआ.
अब जैसे कि वह मेरी नकल कर रही थी तो मैंने उसको देखते हुए अपनी शर्ट उतार दी.
उसने भी कुछ देर सोचा और उसने अपनी टी-शर्ट उतार दी.
आह … वह मेरे शामने अपनी कैमीजोल में आ गई थी.
फिर मैंने अपनी सैंडो बनियान निकाल दी और उसके उतारने का इंतजार करने लगा.
पर वह रुक गई.
शायद उसने कैमीजोल के अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी.
अब मैंने उसको हाई किया.
उसने भी मुझे हाई किया.
मैंने उसको करीब बुलाया तो वह मुझे बुलाने लगी.
मैं जाने को रेडी हुआ और मैंने इशारों में ही पूछा कि घर पर कौन कौन है?
उसने ‘कोई नहीं है …’ का इशारा किया.
यह जान कर मेरा लमण्ड जो अब तक मुर्दा अवस्था में था, वह सलामी देने लगा था.
फिर मैंने तय किया और इधर उधर देखता हुआ धीरे से उसकी छत पर कूद गया.
मैंने उसके पास जाकर उससे घर वालों के बारे में पूछा तो उसने बताया- वे सभी लोग मामा को देखने उनके घर गए हैं. उनका कल एक्सिडेंट हो गया था. मैं नहीं गई क्योंकि मेरा कल एग्जाम है. मेरे घर के सब लोग कल शाम तक वापस लौटेंगे.
बस फिर क्या था, मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया.
वह शर्मा गई.
मैंने उसे चूमते हुए पूछा- क्या तुम मेरे साथ सेमक्ष करना चाहती हो?
वह सिर्फ मुस्कुरा दी.
मैं समझ गया कि इसकी बुर में कीड़े काट रहे हैं और उन कीड़ों को मारने के लिए मुझे अपने लौड़े को इसकी बुर में पेलना पड़ेगा.
जब मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने कभी सेमक्ष किया है?
तो उसने ना में सर हिला दिया.
मैंने कहा- बोल कर बताओ न!
उसने मुझे देखते हुए कहा- मेरा फर्स्ट टाइम है. मैं न जाने कबसे आपके साथ सेमक्ष करना चाहती थी.
अब हम दोनों किस करते करते छत से नीचे आ गए और उसके बेडरूम में आ गए.
फिर मैं उसके गीले कपड़े उतारने लगा और उसको नंगी करना शुरू कर दिया.
मैं तो पहले से ही सिर्फ़ अंडरवियर में ही था.
मैंने पहले उसकी कैमीजोल को उतार तो देखता ही रह गया.
उसके स्तन एकदम सख़्त और ऐसे तने हुए थे मानो जैसे किसी गुंबद के कंगूरे हों.
मैं तो उसके दूध देखते ही उन पर टूट पड़ा.
उसकी एक चूची को अपने एक हाथ से दबाता, तो दूसरी को मुँह में लेकर चूसता जा रहा था.
कुछ मिनट तक उसके दोनों मम्मों का रस चूसने के बाद मैं नीचे की ओर झुका और मैंने उसकी लोअर और पैंटी दोनों को एक साथ नीचे खींचते हुए निकालने लगा.
वह पहले तो अपने लोअर को पकड़ने लगी, फिर मैंने उसकी तरफ देख कर होंठों से चुम्मी का इशारा किया तो वह मुस्कुरा दी और उसने मेरे सर को पकड़ लिया.
मैं धीरे धीरे उसके लोअर और पैंटी को सरकाते हुए उसकी चूवती पर उगी हुई झांटों को देखने का इंतजार करने लगा.
पर मेरी यह तमन्ना पूरी न हो सकी.
उसकी चूवती पर झांट का नामोनिशान तक नहीं था; चूवती एकदम सफाचट थी, उस पर एक भी बाल नहीं था.
उसने आज सुबह ही चूवती की झांटों को बालसफा क्रीम व्हीट से सब साफ कर दिया था.
क्या मस्त फूली हुई चूवती थी यार … मैं तो समझो पागल ही हो गया था.
उसकी चूवती एकदम गुलाबी और कसी हुई थी.
लग रहा था मानो अभी अभी ही बनाई गई हो.
मैं चूवती की झाँकी को एकटक देखने लगा.
उसने कहा- क्या देख रहे हो … क्या बस देखना ही है या और कुछ भी करना है?
उसके यह कहते ही मैंने उसकी चूवती पर अपनी जीभ लगा दी और उसकी बुर के दाने को जीभ से लिकलिक करते हुए कुरेदने लगा.
वह आह आह कहती हुई मेरे सर के बालों को नोचने लगी.
मैं रबड़ी समझ कर उसकी चूवती को चाटने लगा.
वह सिसकारियां भरने लगी- आह … क्या कर रहे हो आह मर गई … आह अपनी जीभ को पूरा अन्दर तक डाल दो प्लीज!
मैंने जीभ को कड़ा करके उसकी नोक को चूवती की फांकों में डाल दिया.
वह मेरी जीभ से ही सहम गई और अपनी टांगों को आगे पीछे करती हुई अपनी चूवती को मेरे मुँह पर रगड़ने लगी.
मैं भी लगातार चूवती को जीभ से चोदता रहा.
कुछ ही देर बाद वह तेज आवाज में आह आह करने लगी और अपने बदन को अकड़ाती हुई झड़ गई.
उसकी चूवती से खारा पानी निकलने लगा.
मैं उसकी चूवती के पानी को चाटता गया और चूवती को साफ कर दिया.
अब मेरी बारी थी.
मैंने अपने अंडरवियर को नीचे कर दिया और लमण्ड को आज़ाद कर दिया.
मेरे मोटे लमण्ड को देख कर गुनगुन डर गई.
उसने कहा- ये क्या है … इतना बड़ा! इससे तो मुझे बहुत दर्द होगा!
मैंने उससे कहा- हां थोड़ा सा दर्द तो होगा. उसके बाद तुम बहुत मज़ा लोगी.
मैंने पहले उससे कहा कि लमण्ड को मुँह में ले कर इसे प्यार करो.
वह ‘घिन आ रही है.’ का बहाना बना कर मना करने लगी.
जब मैंने नाराज़गी दिखाई तो उसने डरते हुए मेरे लमण्ड को मुँह में लिया और अन्दर बाहर करने लगी.
मैं जोश में आ गया और उसके सर को पकड़ कर अपना पूरा 7 इंच का लमण्ड उसके कंठ तक पेलने लगा.
उसकी तो जैसे सांस ही रुक गई.
कुछ ही देर में उसको लमण्ड चूसने में मज़ा आने लगा.
वह अब खुद से लमण्ड को पूरा अन्दर तक लेने लगी.
कुछ देर बाद उसने कहा- अब मुझे मेरी चूवती की तड़फन बर्दाश्त नहीं हो रही है. तुम अपने लमण्ड से मेरी तड़फ को भी दूर करो.
मैंने ओके कहा और उसके मुँह से अपने लमण्ड को बाहर निकाल कर उसकी चूवती की दरार के बीच में रख दिया.
धीरे धीरे मैं अपने लमण्ड को उसकी दरार में गहराई तक ले जाने लगा.
उसको भी दर्द महसूस हुआ, वह कसमसाने लगी.
मैंने उसी पल एक जोरदार झटका दे मारा.
उस झटके से मेरे लमण्ड ने उसकी सील को तोड़ दिया और लमण्ड अन्दर तक घुसता चला गया.
इस झटके से उसकी तो जैसे सांस ही रुक गई थी और आंखों से आंसू गिरने लगे.
मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से जोड़ा और उसे किस करने लगा ताकि वह चिल्ला नहीं पाए.
वह तड़फ रही थी और आवाज बंद होने से अपनी गांवड उठाकर मेरे लमण्ड को बाहर करने की कोशिश कर रही थी.
मैंने उसकी कोशिश को नाकाम करते हुए चूवती की चुवदावई आरंभ कर दी. मैंने धीरे धीरे अपने लमण्ड को उसकी चूवती में अन्दर बाहर करने लगा.
उसके मुँह को उसके होंठों से हटा दिया और गालों को किस करते हुए उसकी चूची को चूसते हुए चोदने लगा.
अब उसे भी मज़ा आने लगा था.
वह भी कुछ देर बाद अपनी गांवड उठा उठा कर खुद ही मेरे लमण्ड को अपनी चूवती के अन्दर तक ले रही थी.
हम लोग अलग अलग पोज में काफी देर तक चुवदावई में लगे रहे.
वह मेरे साथ चुवदावई करते समय तीन बार झड़ चुकी थी.
मैं अभी भी अपनी बंदूक धाएं धाएं चला रहा था.
वह कहने लगी कि अब बस करो मैं थक गई हूँ.
उसने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया था और अपने हाथों से मेरे सीने को सहलाने लगी थी.
इससे मैं ज्यादा उत्तेजित हो गया और मेरा लमण्ड पिचकारियां मारने को तैयार हो गया था.
मैंने उससे पूछा- माल किधर गिराऊं?
उसने मेरे लमण्ड के माल को पीने की इच्छा बताई.
मैं झट से अपने लमण्ड को उसकी चूवती से निकाल कर उसके मुँह में लमण्ड लगाने आ गया.
उसने मुँह खोला तो मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में गिरा दिया.
वह वीर्य को पी गई.
फिर उसकी नज़र अपनी खून टपकाती हुई चूवती पर पड़ी तो वह घबरा गई.
मैंने उसको बताया तो वह शांत हो गई.
उस दिन Xxx वर्जिन गर्ल हॉट चुवदावई का मजा लेकर मैं जैसे धन्य हो गया.
तब से वह कभी कभी मेरे रूम पर भी आने लगी थी.
मैं उसकी जबरदस्त चुवदावई करता और उसको चरमसुख देता.
अब मेरी पढ़ाई पूरी हो गई और मैं अपने घर आ गया.
रिज़ल्ट आने तक कुछ दिन के लिए मैं गांव में ही रुक गया था.
अब मैं दिल्ली जाने वाला था.
वह मुझे बहुत मजा देती थी लेकिन मुझे अपने से बड़ी लड़की के साथ सेमक्ष करना था.
चाहे वह शादीशुदा ही क्यों न हो या फिर सिंगल हो … मगर मुझसे बड़ी होनी चाहिए.
इसी चाहत में मैं दिल्ली निकल गया.
अभी अपनी पसंद का माल खोज रहा हूँ. जैसे ही कोई मस्त भाभी की चूवती का स्वाद चखूँगा, सबसे पहले आप सभी को ही सेमक्ष कहानी लिख कर बताऊंगा.